डीएम के आदेशों की उड़ रही धज्जियां, प्यासे रह जा रहे बेजुबान पशु-पक्षी
मानिकपुर (प्रतापगढ़)। जल जीवन मिशन के तहत जलाशयों को भरने के सरकार के तमाम निर्देश और योजनाएं धरातल पर पूरी तरह विफल साबित हो रही हैं। हालात इतने खराब हैं कि नगर पंचायत मानिकपुर के लाटतारा वार्ड में भीषण गर्मी के बीच एकमात्र तालाब पूरी तरह सूखा पड़ा है, जिससे पशु-पक्षियों और स्थानीय लोगों को पानी के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
जिला अधिकारी प्रतापगढ़ ने करीब एक माह पूर्व सभी नगर और ग्राम पंचायतों को आदेशित किया था कि क्षेत्र के जलाशयों को शीघ्र जलयुक्त कराया जाए, ताकि गर्मी में इंसान ही नहीं, जीव-जंतु भी राहत पा सकें। लेकिन अफसोस, न तो नगर पंचायत और न ही ग्राम पंचायतों ने इन आदेशों को गंभीरता से लिया।
स्थिति यह है कि सिर्फ मानिकपुर ही नहीं, बल्कि ब्लॉक कालाकांकर की कई ग्राम पंचायतों में तालाब या तो सूखे पड़े हैं या दबंगों द्वारा कब्जा कर लिए गए हैं। इसके चलते जल संकट और भी विकराल रूप लेता जा रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि पंचायत प्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी सिर्फ कागजों में योजनाएं चला रहे हैं, ज़मीनी स्तर पर कुछ भी नहीं बदला।
अब सवाल यह उठता है कि क्या शासन-प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर कोई ठोस कदम उठाएगा? क्या लापरवाह अधिकारियों पर होगी कोई कार्रवाई? या फिर जल जीवन मिशन सिर्फ एक दिखावटी योजना बनकर रह जाएगी?
प्रतापगढ़ मानिकपुर से राकेश कुमार धुरिया की रिपोर्ट
