निगोहां पुलिस ने एक जटिल और दिल दहला देने वाले हत्याकांड का खुलासा करते हुए पाँच शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने जमीन विवाद में युवक की हत्या कर सबूत मिटाने के उद्देश्य से उसके शव को पेट्रोल डालकर जला दिया था। गिरफ्तार अभियुक्तों में सुजीत कुमार श्रीवास्तव (40), पिंटू रावत (32), विनोद (26), लालू उर्फ नीरज कश्यप (27) और राजू उर्फ राजकुमार (34) शामिल हैं। पुलिस ने घटना में प्रयोग की गई दो स्विफ्ट डिजायर कारें UP32PA0272 और UP32LA7854 भी बरामद की हैं। विवेचना के अनुसार, दखिना शेखपुर निवासी कबीर उर्फ शिव प्रकाश (42) 15 नवंबर से लापता थे। 19 नवंबर को उनके मित्र सुरेंद्र कुमार ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। तलाश के दौरान उन्नाव के बीघापुर क्षेत्र से एक अधजला शव मिला, जिसकी परिजनों ने पहचान कबीर के रूप में की।
जांच में सामने आया कि कबीर और उसका भाई शिव सहाय रायबरेली-लखनऊ हाइवे से सटी 44 बिस्वा जमीन को लेकर विवाद में थे। सुजीत और उसके साथियों ने धोखे से जमीन अपने पक्ष में कराने के बाद यथार्थ ग्रुप को बेच दी थी। कोर्ट में मामला विचाराधीन था और कबीर लगातार पैरवी कर रहा था, जिससे अभियुक्तों को आशंका थी कि मुकदमे की स्थिति बिगड़ सकती है।
इसी भय से इन पाँचों आरोपियों ने मिलकर कबीर को योजनाबद्ध तरीके से 15 नवंबर की शाम लालपुर टावर के पास बुलाया और कार में जबरन बैठाकर रास्ते में उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद वे शव को बीघापुर, उन्नाव के सुनसान इलाके में ले गए और पेट्रोल डालकर आग लगा दी, ताकि पहचान न हो सके। पुलिस उपायुक्त दक्षिणी के निर्देश पर गठित तीन टीमों ने लगातार प्रयासों के बाद सभी आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस अब इस मामले में और भी बिंदुओं पर गहराई से जांच कर रही है।
