बागपत में बेसहारा बुजुर्गो का सहारा बनी जनहितकारी सेवा समिति

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  • बुजुर्गो के खान-पान, चिकित्सा, मनोरंजन आदि से लेकर हर छोटी से छोटी चीज का रखा जाता है विशेष ध्यान
  • सामाजिक, शैक्षिक, राजनैतिक, प्रशासनिक आदि क्षेत्रों से जुड़ी जानी-मानी हस्तियां कर चुकी है समिति के कार्यो की प्रशंसा

बागपत, उत्तर प्रदेश विवेक जैन

बागपत में बेसहारा बुजुर्गो की सेवा में जनहितकारी सेवा समिति रामनगर अलीगढ़ महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही है। यह समिति जनपद बागपत में लगभग पिछले 5 वर्षो से लगातार अपने वृद्धाश्रम में निस्वार्थ भाव से बेसहारा बुजुर्गो की सेवा कर रही है।
बागपत-मेरठ हाईवे के मीतली चौराहे से दक्षिण दिशा में गौरीपुर को जाने वाली सड़क पर लगभग 200 मीटर चलने पर सीधे हाथ पर आवासीय वृद्धाश्रम मीतली की बिल्डिंग दिखायी देती है। इस बिल्डिंग में बुजुर्गो के रहने के लिए 28 हाल है। प्रत्येक हाल में 4 बुजुर्गो के लिए रहने की व्यवस्था की गयी है। आश्रम की अधीक्षिका विशाखा शर्मा और आश्रम के प्रभारी जितेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि उनकी संस्था 1 अप्रैल 2017 से जनपद बागपत में कार्य कर रही है। पहले यही वृद्धाआश्रम बागपत शहर में, उसके बाद खेकड़ा में, फिर सिघावली अहीर में स्थापित था। बताया कि संस्था के सेवादार ही बुजुर्गो का सारा कार्य करते है, जैसे की कमरे की सफाई, कपड़ों की धुलाई आदि। खाना, चाय, नाश्ता, चिकित्सा आदि से लेकर सामान्य दैनिक दिनचर्या में इस्तेमाल होने वाली चीजें जैसे साबुन, तेल, मंजन आदि बुजुर्गो को निशुल्क उपलब्ध करवायी जाती है। बुजुर्गो की दिनचर्या सुबह साढ़े छह बजे राष्ट्रीय गान और प्रार्थना से शुरू होती है। 7 से साढ़े सात बजे तक योग, और साढ़े सात बजे से 8 बजे तक नाश्ता, उसके बाद नहाना-धोना, दोपहर 12 बजे मीनू के अनुसार खाना, उसके कुछ समय बाद चाय-नाश्ता, शाम को साढ़े पांच बजे प्रार्थना-आरती और उसके बाद मीनू के अनुसार खाना दिया जाता है। इसके साथ-साथ टीवी, लूड़ो व कैरम खेलना आदि माध्यमों से इनके मनोरंजन का ध्यान रखा जाता है। बताया कि आश्रम को समाज कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार से सहायता प्राप्त होती है। वृद्धाश्रम में वृद्ध व्यक्ति को छोड़ने के लिए वृद्ध व्यक्ति की दो फोटो, उसके आधार कार्ड की प्रतिलिपि और कोविड़-19 वैक्सीनेशन की कॉपी जमा की जाती है।

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