बरेली : बच्चे तालीम हासिल न कर पाएं इसलिए जीटीआई की इमारत तो बनाई,लेकिन पढ़ाई शुरू नहीं कराई

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सपा के बाद भाजपा नेताओं ने भी पढ़ाई शुरू कराने पर नहीं दिया ध्यान
आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी सुनीता गंगवार ने सपा और भाजपा को जमकर
लताड़

ब्यूरो- नागेश गुप्ता

बरेली। नवाबगंज की नगर पंचायत सेथल में बना जी टी आई कॉलेज जो बरसो से बनकर तैयार खड़ा रहते-रहते खंडर में तब्दील हो रहा है जिसको देखने के लिए पैनी नजर सामाजिक संस्था व 121 नवाबगंज विधानसभा की आम आदमी पार्टी प्रत्याशी एडवोकेट सुनीता गंगवार पहुंची । संस्था अध्यक्ष ने पूरी जानकारी जुटाने के पश्चात बताया कि यह कॉलेज सपा सरकार में बना था और सपा सरकार में कॉलेज खुल सकता था मगर क्षेत्र के सपा जनप्रतिनिधि ने नहीं चाहा कि बच्चे पढ़ने जाएं पढ़ लिखकर तकनीकी शिक्षा हासिल करके नौकरियों में जाएं व पढ़ लिखकर कुछ बने।संस्था अध्यक्ष ने कहां कि जैसा कि लोगों ने बताया कि कॉलेज 45 करोड की लागत से बनाया गया है यह जनता का पैसा था जिसे भ्रष्टाचारी सरकार व छेत्र के दूषित मानसिकता रखने वाले जनप्रतिनिधियों की भेट चढ़ गया कॉलेज को बनाने में नेताओं ने जो कमीशन खाना था वो खा लिया मगर इसे खुलने नहीं दिया आने वाली भाजपा सरकार ने दो कदम आगे बढ़कर कार्य किया इसमें परमानेंटली ताले लगवा दिए ।बरसो से बनी यह बिल्डिंग धीरे-धीरे नष्ट हो रही है क्षेत्र के बच्चे स्कूल जाने को तरस रहे हैं व स्कूल बच्चों के आने का इंतजार कर रहा है संस्था अध्यक्ष ने कहा कि पूरे क्षेत्र का जायजा लेने पर आज पता चला कि क्षेत्र में इतनी अशिक्षा क्यों है यहां नेताओं ने कॉलेज तो बनाए कमीशन खोरी के लिए लेकिन कॉलेजों को शिक्षा के मंदिर नहीं बनने दिया यहां पर एक ही राजनीति हावी रही कि जनता को अधिक से अधिक अशिक्षित रखो गरीब रखो जिससे ये एक गुलामी की जिंदगी जीते रहे यहां की युवा पीढ़ी को पूरी तरह क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने नशे का आदि बना दिया केवल शराब व पैसे लेकर रैलियों में ले जाने का साधन बनते रहे । छेत्र नवाबगंज की 20 -20 वर्षीय युवा अंगूठा लगाते हैं उन्हें अपना नाम लिखना नहीं आता है। संस्था अध्यक्ष सुनीता गंगवार ने कहा बरसो से नवाबगंज विधानसभा अशिक्षा का अभिशाप भोग रही है। इन जी टी आई कॉलेज को देखकर दुख होता है यदि कॉलेज उसी समय खुल गया होता तो कितने बच्चे पढ़ लिखकर रोजगार पा चुके होते कॉलेज में बिल्डिंग के अलावा कुछ भी नहीं है खाली कमरे धूल मिट्टी से भरे हुए हैं। 45 करोड़ की लागत कहां पर खर्च की गई है इसका जवाब कौन देगा व्यवसायिक पाठ्यक्रम के अंतर्गत कॉलेज के अंदर फर्नीचर व मशीनरी होनी चाहिए जो कि नहीं है कॉलेजों की स्थिति देखकर पता चला कि परसों से यहां शिक्षा के नाम पर अरबों के घोटाले हो रहे हैं सुनीता गंगवार ने कहा कि अगर क्षेत्र नवाबगंज के सभी स्कूलों के कॉलेज के ताले खोलने है तो जनता को ऐसे जनप्रतिनिधियों को हटाना होगा व ऐसी भ्रष्ट सरकारों को हटाना होगा। ऐसी सरकार से कुछ ना होगा जो इन तालो की चाबी बन सके वो सरकार है केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की सरकार जिसका मिशन है देश को शिक्षित करना । नवाबगंज क्षेत्र की जनता को शिक्षा चाहिए उसे परिवर्तन के लिए वोट करना होगा । संस्था अध्यक्ष ने कहा यदि क्षेत्र की जनता मुझे मजबूत करती है तो इन सारे स्कूलों को खोलकर इन शिक्षा के मंदिरों को फिर से चालू किया जाएगा। नवाबगंज क्षेत्र में एक बड़ी शैक्षिक क्रांति की आवश्यकता है शिक्षा की गंगा बहाने की जरुरत है।

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