गोंडा : प्रसव केंद्रों के डिजिटलीकरण की हुई तैयारी अब ऑनलाइन होगी जच्चा-बच्चा से जुड़ी सारी जानकारी

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और नवजात को बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना हुआ आसान
मंत्र एप के संचालन तथा महिला व नवजात से जुड़ी जानकारी आनलाइन अपलोड करने के लिए प्रशिक्षकों का हुआ प्रशिक्षण, जो अन्य कर्मियों को करेंगे प्रशिक्षित

गोंडा, 15 दिसंबर – 2021 ||
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई पहल की है | जिले के 96 प्रसव केंद्रों पर माँ-नवजात ट्रैकिंग एप (मंत्र) योजना लागू की गयी है | इसके तहत केंद्र पर प्रसव के लिए आने वाली गर्भवती महिला के भर्ती होने का समय, उपस्थिति, दिया गया उपचार व रेफर करने या न करने का कारण समेत अन्य जानकारी अब वहां तैनात स्टाफ नर्स / एएनएम को एप पर देनी होगी | इस तरह के ऑनलाइन निगरानी होने से संस्थागत प्रसव की गुणवत्ता में सुधार होगा और माँ-नवजात स्वास्थ्य आंकड़ों बेहतर होंगे |
उक्त बातें मंगलवार को सीएमओ कार्यालय के सभागार में मंत्र एप के संचालन पर आयोजित प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एपी सिंह ने कहीं | उन्होंने कहा कि माँ और नवजात शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रसव केंद्रों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है | इसके लिए प्रसव केन्द्रों से जुड़ी समस्त जानकारियों को डिजिटल व्यवस्था में उतारा जा रहा है यानी अब माँ और नवजात शिशु की पूरी जानकारी रजिस्टर के साथ-साथ एप पर भी अपलोड होगा | इस व्यवस्था से जिले के 96 प्रसव केंद्र मां नवजात ट्रैकिग एप (मंत्र) से जुड़कर डिजिटल हो जाएंगे | स्टाफ नर्स / एएनएम को भर्ती गर्भवती का समय व उसकी स्थिति, दिया गया उपचार व प्रसूता को रेफर करने या न करने का कारण समेत अन्य सभी जानकारी एप पर देनी होगी | शासन द्वारा इसकी आनलाइन निगरानी होगी | इससे संस्थागत प्रसव की गुणवत्ता में भी सुधार होगा |
जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता डॉ आमिर खान ने बताया कि पांच दिसंबर को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मंत्र एप का शुभारंभ किया जा चुका है | इसी के क्रम में अब जिले में संचालित समस्त प्रसव केंद्रों को माँ-नवजात ट्रैकिंग एप से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है | इस दौरान जिला महिला अस्पताल के नवजात शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ आफताब आलम, यूनिसेफ के डिवीजनल रिसोर्स पर्सन साकेत शुक्ला व डीएमसी शेषनाथ सिंह ने भी एप के बारे में प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया |
प्रशिक्षक साकेत शुक्ला ने कहा कि प्रसव केंद्र पर तैनात स्टाफ नर्स / एएनएम आशा गर्भवती महिला का पूरा विवरण एप पर दर्ज करेंगी | इस कार्यशाला के बाद प्रशिक्षक अपने क्षेत्र के अन्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करेंगे | उन्होंने कहा कि गर्भधारण से ही महिला की पूरी देखरेख होनी चाहिए | इस दौरान नियमित रूप से जांच होने के साथ टीकाकरण भी किया जाता है | एप पर महिला के पंजीकरण के दौरान स्टाफ नर्स / एएनएम लाभार्थी का मोबाइल नंबर भी दर्ज करेंगी, जिसके माध्यम से मां को कब जांच कराना है और कब टीका लगना है, ये संदेश मिलेंगे तथा प्रसव के बाद नवजात के टीकाकरण के भी संदेश मिलेते रहेंगे |

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